Saturday, August 6, 2016

प्रतापगढ़ में भीषण हादसा. गेस रिसाव से किचन में हुआ विस्फोट! परिवार के 5 लोग झुलसे.



प्रतापगढ़ के एक घर में गेस रिसाव से भीषण आग लग गई... किचन में विस्फोट हुआ और परिवार के 5 लोग गंभीर रूप से झुलस गए.
हादसा धमोतर थाना क्षेत्र के कुलमीपूरा का है. यहाँ सुबह महिला कीचन में चाय बनाने गई. जैसे ही लाइटर ओन किया, किचन में फैली गेस ने आग पकड़ ली और जोरदार विस्फोट हुआ. हादसे में पति-पत्नी, दो बच्चे और एक बुज़ुर्ग महिला गंभीर रूप से झुलस गए. इलाके में अफरा-तफरी मच गई. लोग पीडितो को अस्पताल लेकर पहुंचे. जहाँ से बुज़ुर्ग महिला को छोड़ बाकी चारों को उदयपुर रेफर कर दिया गया. बताया गया कि रात को उपयोग में लेने के बाद गेस बंद करना भूल गए थे, या टंकी से रिसाव के चलते किचन में ये गेस फ़ैल गई और फिर ये हादसा हो गया.
किचन में काम पूरा होने के बाद सिलेंडर पर गेस जरुर बंद करें और कटी-फटी नालियों को तुरंत रिप्लेस करें...इसके अलावा ये जांच लें कि गेस बंद है या नहीं. ये वो सावधानियां है, जो आपको प्रतिदिन जरुर बरतनी चाहिए.

जिला जेल में कैदी ने पिया एसिड. होने लगी खून की उल्टियां. पहुँचाया अस्पताल.



प्रतापगढ़ जिला जेल में आज एक विचाराधीन कैदी ने एसिड पी लिया...हालत खराब हुई तो जिला अस्पताल से उदयपुर रेफर कर दिया गया.कैदी का नाम रामा मीणा है, जो कि हत्या के एक मामले में विचाराधीन था. कुछ दिनों पहले जेल में ही कैदी ने सफाई का एसिड छिपा कर रख लिया. और आज अचानक शौच करने के बाद एसिड पी लिया. इसके बाद उसे खूब की उल्टियां होने लगी. हालत बेकाबू होने लगी. इलाज के लिए जिला चिकित्सालय लाया गया, लेकिन यहाँ से उदयपुर रेफर कर दिया. अभी कैदी की हालत गंभीर बनी हुई है...कैदी से बातचीत के दौरान उसने आत्महत्या के प्रयास के पीछे का कोई भी कारण स्पष्ट नहीं किया है.मामले की जांच की जा रही है.

ट्रेक्टर नहीं रोका, तो कर दी हत्या! धरियावद के खूंता में कुछ यही हुआ. लेकिन पकडे गए सभी आरोपी.


प्रतापगढ़ में ट्रेक्टर नहीं रोकने पर एक युवक की पत्थर मार कर हत्या कर दी... मामला धरियावद थाना इलाके के खूंता का है. दो दिन पहले सनसनी खेज तरीके से शव मिलने के मामले में हत्या का खुलासा हुआ है..और पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

पोरिया नाम के युवक की लाश दो दिन पहले सुनसान जगह पड़ी मिली थी...मृतक के ससुर अमरा की रिपोर्ट पर थाना धरियावद पर हत्या का प्रकरण दर्ज किया था. प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा टीम गठित की गई... टीम द्वारा गोपनीय जानकारियां एकत्रित की गई अरु साइबर सेल इंचार्ज फेलीराम द्वारा जुटाई गई तकनीकी एवं गोपनीय जानकारी से हत्यारे अर्जुन मीणा, श्याम लाल मीणा ,शंभू मीणा, एम्पु मीणा, शंकर मीणा, नारायण मीणा को दिनांक को डिटेन किया गया और इनसे गहन पूछताछ पर हत्या की घटना कारित करना बताया...ये सभी हत्यारे 18 से 21वर्ष के ही है... हुआ यह था कि ये सभी आरोपी नदी में बहती हुई लकड़ियां एकत्रित कर रहे थे और ट्रेक्टर चालक पोरिया को रोकना चाहा तो उसने ट्रक्टर नही रोका. जिस पर सभी आरोपियों ने उसका पीछा किया और पत्थर फेंके. पत्थर की मृतक पोरिया के सिर में चोट लगने से वह नीचे गिर गया और उसकी मृत्यू हो गई.

प्रतापगढ़ स्थाई लोक अदालत ने PWD के दो बड़े अधिकारियो को जारी किए अवमानना के नोटिस! मंदसौर रोड मामला.

प्रतापगढ़ में बदहाल मंदसौर मार्ग पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है... PWD के दो बड़े अधिकारियो पर कोर्ट के आदेश ना मानने की कार्रवाई शुरु हो गई है और कोर्ट ने दोनों अधिकारियो को कोर्ट के आदेश की अवमानना का नोटिस भेज दिया है.

अधिवक्ता रमेश शर्मा के अनुसार प्रतापगढ़ स्थाई लोक अदालत में सेशन जज हेमंत कुमार जैन ने मंदसौर रोड बदहाली के मामले में कोर्ट ने PWD के दो बड़े अधिकारियो को न्यायलय के आदेशों की अवमानना के नोटिस जारी किए है. PWD के चीफ इंजिनियर जी.एल. राव और प्रिंसिपल सेक्रेटरी डी.बी.गुप्ता को ये नोटिस भेजे गए है...दरअसल कल 4 अगस्त तक कोर्ट में दोनों अधिकारियो को पेश होना था. पर वे नहीं हुए...अब 19अगस्त तक कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश दिए गए हैं. कोर्ट के सख्त आदेशो के बावजूद एक माह के अंदर PWDने प्रतापगढ़ जिले के व्यस्ततम मंदसौर मार्ग को ठीक नहीं कराया, ऐसे में पहले ही अवमानना की कार्रवाई चल रही है.एक बार फिर कोर्ट सख्त हो गई है. इस रोड की बदहाली से जन आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है. आज की तारीख में, यह जिले का सबसे बड़ा, गंभीर और चर्चित मुद्दा है...

Friday, July 8, 2016

वन विभाग ने वन विस्तार के लिए तैयार किए गए कई पौधे. 2250 हेक्टेयर में होगा पौधारोपण.



प्रतापगढ़ जिले में वन क्षेत्र लगातार घटता जा रहा है. जंगल का दायरा सिमट रहा है. पर इसके समाधान के लिए वन विभाग ने प्रयास तेज कर दिए हैं. कई पौधे तैयार किए गए हैं, जिन्हें हजारों हेक्टेयर वन क्षेत्र में लगाया जाएगा. ऐसा करके वन विभाग वन विस्तार की कवायद कर रहा है.

प्रतापगढ़ जिले को प्रकृति के लिहाज़ से समृद्ध इलाका माना जाता है. साल भर बहने वाले नदी नाले, घने जंगल, झरझर गिरते झरने और तरह-तरह के वन्य जीव यहाँ की शान है. लेकिन अब जंगल का दायरा सिमट रहा है. ऐसे में वन विभाग ने इसके लिए प्रयास भी तेज कर दिए हैं. वन विभाग ने बड़ी संख्या में अलग-अलग पौधे तैयार किए हैं, जिन्हें जिले भर के करीब 2250 हेक्टेयर वन क्षेत्र में लगाया जाएगा. जिले के 6 फोरेस्ट रेंज में यह काम किया जाएगा. इसके लिए जिले के मुख्य वन अधिकारी उप वन संरक्षक IFS सुगना राम जाट ने सभी क्षेत्रीय वन अधिकारीयों को निर्देश दे दिए हैं. लगभग सभी पौधे तैयार हैं. वर्षा ऋतू इसके लिए सबसे उपयुक्त समय है, ऐसे में वन विभाग ने आज से काम शुरू कर दिया है. जिले में पहले वन क्षेत्र विस्तृत रूप से फैला था, लेकिन वनों में बढ़ी मानवी घुसपैठ से यह कम होता गया. ऐसे में वृक्षारोपण पर ही वन विस्तार की उम्मीद टिकी हुई है. प्लानिंग अच्छी है, पर इस काम को ठीक से अंजाम दिया जाना भी जरुरी है.

Thursday, July 7, 2016

प्रतापगढ़ के जिला कलेक्टर ने पीपलखूंट में किया विभिन्न कार्यों का निरीक्षण. उप वन संरक्षक और विकास अधिकारी रहे साथ.


प्रतापगढ़ में वन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना और फॉर वोटर कंसेप्ट के तहत किये गए निर्माण कार्यों का जिला कलेक्टर IAS चंद्रशेखर मूथा ने निरीक्षण किया. इस दौरान उप वन संरक्षक IFS सुगना राम जाट और इलाके के विकास अधिकारी फ़तेह सिंह भी साथ रहे.


अधिकारीयों ने इस दौर में पीपलखूंट उपखंड के चुली, खाखरी खेडा, कुण्डाल, जामली और पावटी में निरीक्षण किया. यहाँ MPT, छोटे तालाब और अन्य संरचनाओं का निरीक्षण किया गया. देखा गया कि बनाई गई संरचनाओं की क्या स्थिति है, और क्या आने वाले वक्त में लोगो की जरूरत पूरी करने की काबिल हैं भी या नहीं...इस मौके पर जिला कलेक्टर ने वन विभाग द्वारा कराए गए कार्यों की सराहना की. और आशा जताई कि इस पहल से क्षेत्र के जल स्तर में वृद्धि होगी. इसके साथ ही जिला कलेक्टर ने नाबार्ड के तहत 50 हेक्टेयर में किए गए वृक्षारोपण का भी निरीक्षण किया. और पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित की. सारी व्यवस्था माकूल पाए जाने पर कलेक्टर ने ऐसे ही काम करने की उम्मीद जताई... वन विभाग द्वारा भी जल संरक्षण के लिए गाँव-गाँव MPT,छोटे तालाब आदि बनाने का काम करवाया गया है. ताकि बारिश का पानी संचय हो, और जमीन में चार्ज हो.. प्रतापगढ़ पहाड़ी इलाका है, लिहाज़ा पानी टिक नहीं पाता...बह कर चला जाता है. ऐसे में इन छोटे तालाबों और MPT को वरदान माना जाने लगा है.

प्रतापगढ़ की करमदिया नर्सरी में बनाया गया ग्रीन हाउस. विभिन्न किस्म के पौधे किये जा रहे तैयार.




प्रतापगढ़ की करमदिया नर्सरी में में नया ग्रीन हाउस बनाया गया है. इसमें ऐसे पौधे तैयार किए जा रहे हैं जो कम तापमान में पाए जाते हैं. वन विभाग के मुख्य अधिकारी और उप वन संरक्षक सुगना राम जाट का कहना है कि ऐसा करके वे विलुप्ति की कगार पर चल रहे पौधों को डेवेलप कर सकेंगे. इसके बाद इनका वितरण किया जाएगा, कई पौधों को वन क्षेत्र में रोपा जाएगा. ऐसा करने से विलुप्त होती प्रजातियों को संरक्षण मिलेगा साथ ही नए पौधों के साथ आभा में भी निखार आएगा. इस ग्रीन हाउस में कई पौधे तैयार किये जा रहे हैं. ग्रीन हाउस सूरज की रौशनी से पौधों को सिंचित करता है, साथ ही तापमान को भी नियंत्रित रखता है. जिससे पौधे सूरज की रौशनी के साथ साथ कम तापमान में बढ़ सकते हैं. इसमें विभिन्न प्रकार के पौधे तैयार किए जा रहे हैं. ऐसे पौधे भी जो प्रतापगढ़ में पाए नहीं जाते.