Monday, April 4, 2016

राज्य सरकार के आदेशों पर शुरू हुई कार्रवाई. एसपी और कलेक्टर की मौजूदगी में नष्ट हो रहा गोदामों का डोडा चुरा.





राज्य सरकार के आदेशों के बाद प्रतापगढ़ जिले में बड़ी मात्रा में डोडा चुरा नष्ट किया गया. इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री कालूराम रावत और जिला कलेक्टर श्री चंद्रशेखर मूथा मौजूद रहे. पुलिस और प्रशासन ने मिल कर पहले ही दिन में 60क्विंटल डोडा चुरा नष्ट किया है. राज्य सरकार की ओर से 31 मार्च के बाद गोदाम , दुकानों में रखे डोडा चुरा को नष्ट करने के आदेश के बाद गोमना स्थित गोदाम में रखे डोडा चुरा को नष्ट करने की कार्रवाई की. इसके बाद गोदामो में डोडा चुरा नष्ट कराया गया. जिला आबकारी अधिकारी तनिश जैन ने बताया कि प्रतापगढ़ में चार गोदाम हैं. गोमाना में दो , सिद्धपुरा में एक आर अरनोद में एक गोदाम है. सरकार की ओर से जारी निर्देश पर जिले में कार्रवाई शुरू की गई. इस दौरान जिला कलेक्टर चंद्रशेखर मूथा, एसपी कालूराम रावत और अन्य अधिकारी मौजूद रहे. और 60 क्विंटल डोडा चुरा नष्ट किया. गोमाना में एक गोदाम में 24313 किलो, दूसरे गोदाम में 37620, अरनोद गोदाम में 19000 किलो, सिद्धपुरा गोदाम में 4760 किलो डोडा चुरा पड़ा हुआ है. जिन्हें नष्ट करने की कार्रवाई जा रही है.

नमूने लेकर भटक रहे प्रतापगढ़ के किसान. बंद पड़ी मृदा परीक्षण प्रयोगशाला.



कृषि विभाग की ओर से मिट्टी के नमूनों की जांच की कोई सुविधा नहीं होने से किसान भटक रहे हैं. अभी तक प्रतापगढ़ का मृदा परिक्षण कार्यालय बंद पड़ा है. प्रतापगढ़ के कृषि विभाग की मृदा परिक्षण प्रयोगशाला बंद पड़ी है, लिहाज़ा किसान मिट्टी के नमूने नहीं ला पा रहे हैं. कृषि विभाग की हालत हमेशा से कुछ ठीक नहीं रही है. ग्रामीण बाहुल्य जिले में भी विभाग की इतनी दुर्दशा होना किसानो पर हमेशा भारी पड़ा है. वर्तमान में यहाँ का मृदा परीक्षण प्रयोगशाला पूरी बंद पड़ी है. कार्यालय पर ताला लगा हुआ है. नियमानुसार यह प्रयोगशाला इस माह ही शुरू होना थी पर ऐसा हो ना सका. विभाग का कहना है कि अभी मिट्टी परिक्षण प्रयोगशाला संचालन के लिए नए ठेके हुए हैं जो अगले माह से शुरू होंगे. इससे मिट्टी के नमूने पड़े हुए हैं. वहीं अब जो भी किसान अपने खेतों से मिट्टी ला रहे हैं, उसे भी विभाग में कोई लेने को तैयार नहीं है. मिट्टी परिक्षण प्रयोगशाला पर गुज़रे चार महीनो से ताला लगा है. लिहाज़ा किसानों के नमूने इकट्ठे हुए ही जा रहे है. अब तक करीब पांच हजार नमूने पड़े हैं, जिनका परीक्षण नहीं हुआ है.  कृषि विभाग ठेकों का हवाला देकर किसानों को रवाना कर रहा है. पर ऐसे में किसानों की मिट्टी का परीक्षण हो नहीं रहा. दरअसल इस साल जिले में बारिश काफी कम हुई है. इसके अलावा अन्य कई कारणों से मिट्टी की गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ा है. मिट्टी कितनी उपज देने लायक है, यह परीक्षण से ही पता चल सकता है. बहरहाल किसान परीक्षण प्रयोगशाला के खुलने की राह देख रहे हैं.

Sunday, March 27, 2016

विंडमिल गिरोह के दो और आरोपी गिरफ्तार. एसपी कालूराम रावत के निर्देश पर कार्रवाई. पकडे गए सभी बदमाश.




प्रतापगढ़ पुलिस ने ऐसे गिरोह का पर्दाफाश है, जो विंडमिल से बेशकीमती ताम्बे के तारों को चुरा कर बेच दिया करते थे. ये चोर इन तारों को बेच करोड़ों की कमाई करते थे. लेकिन इसी बीच पुलिस के हत्थे चढ़ गए... 

प्रतापगढ़ जिले में सुहागपुरा थाना क्षेत्र के सोनाकोठी और देवगढ़ थाना के चित्तौडी में लगी विंडमिल पर देर रात अज्ञात बदमाषों द्वारा नकबजनी की कर ताम्बे की केबलें काटकर चुरा ले जाने का मामला सामने आया था. चूँकि मामला गंभीर था, जिला पुलिस अधीक्षक व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रभावी पर्यवेक्षण करते हुए सुहागपुरा थानाधिकारी व देवगढ़ थानाधिकारी को आरोपियों की गिरफ़्तारी और चोरी के माल की बरामदगी हेतु निर्देषित किया गया. पुलिस बल द्वारा गोपनीय सूचना पर दबिष देकर 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. उनके घरों से चुराई हुई ताम्बे की केबलें व अन्य सामान बरामद कर लिए गए. दो आरोपी फरार होने के कामयाब हो गए. आरोपी नारायण लाल मीणा और राजु मीणा की गिरफ्तारी के लिये सुहागपुरा व देवगढ़ थाना पुलिस लगातार प्रयासरत थे. फरार दोनों आरोपियों के बारे में सुहागपुरा थानाधिकारी को सुचना मिली कि दोनों ही अपने-अपने घर आए हुए हैं... ऐसे में पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर कार्रवाई को अंजाम दिया. सुनियोजित तरीके से दोनों आरोपियों नारायणलाल व राजु के घर पर दबिष देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही हैं.
प्रतापगढ़ जिला पहाड़ी इलाका है. ऐसे में यहाँ बड़े पैमाने पर विद्युत उत्पादन के लिए विंडमिल लगाईं गई है. विंडमिल यानि पवन ऊर्जा संयत्र, जो हवा से बिजली पैदा करते हैं. पर चूँकि इन विंडमिल में बेशकीमती ताम्बे के तार होते हैं, इसलिए अक्सर चोरों की निगाह रहती है... उम्मीद है कार्रवाई के बाद विंडमिल चोरी की घटनाओं पर लगाम लग पाएगी..!

Saturday, March 26, 2016

प्रतापगढ़ जिले में लगातार सुख रहा जमीन के अंदर का पानी. भू-जल स्तर कम होने से जिले भर में पानी के लिए मचा हाहा-कार! खास रिपोर्ट.








प्रतापगढ़ जिले में लगातार जमीन के अंदर का पानी यानि "भू-जल" कम होता जा रहा है. भू-जल स्तर कम होने से जिले भर में पानी के लिए हाहा-कार मच रहा है... हालत यह है कि कई जगह लोगो को बूंद-बूंद पानी पीकर जीना पड़ रहा है...!

प्रतापगढ़ जिले का आलम यह है अधिकांश इलाको के हेंडपंप बंद हो गए हैं! कुओं में पानी नहीं है, हेंडपंप से पानी की एक बूंद नहीं आ रही... और इधर जलाशयों में भी पानी सूखता जा रहा है. जमीन के अंदर पानी की कमी से भूमि का कटाव भी हो रहा है. भूमि लगातार सूखती जा रही है. ऐसी स्थिति में जिले में बड़ा संकट गहरा गया है. पेयजल की समस्या तो बढती जा रही ही है, साथ ही आगामी फसलों के लिए पानी कहाँ से आएगा, यह किसी को पता नहीं है. डार्क-ज़ोन में शुमार प्रतापगढ़ अब अपनी आज तक की सबसे बुरी स्थिति फस चूका है. भौगोलिक स्थिति की बात करें, तो प्रतापगढ़ एक पहाड़ी इलाका है. प्रतापगढ़ राजस्थान का दुसरे सबसे ऊंचा स्थान भी है. और यही वजह से कि यहाँ बारिश का पानी टिक नहीं पाता. ये पानी जमीन में गहराई तक चला जाता है. पहले जैसे-तैसे खुदाई करने पर, बोरिंग करने पर ,हेंडपंप लगाने पर यह पानी निकल आता था. लेकिन गुज़रे सालों में बारिश में आई कमी, लगातार हुए अवैध जल दोहन, और अनगिनत बोरवेल के चलते ये पानी कम हो गया... इस विकत स्थिति से इंसान और जानवर... हर कोई जूझ रहा है!



क्या जानवर और क्या इंसान...--  इन तस्वीरों को देख कर आपका भी मन पिसज रहा होगा. आपको भी इन मासूम जानवरों पर दया आ रही होगी जो पानी के लिए मशक्कत कर रहे हैं. ये नज़ारा पीपलखूंट इलाके का है. जहाँ एक सुनसान वीरान सड़क पर ना-मात्र सा पानी पड़ा है, और बेचारे मासूम बन्दर इसे पीने की कोशिश कर रहे हैं. एक बन्दर पीने लगा तो और एक और आ गया... पर फिर भी प्यास ना बुझी! 

जिले में सूखे का संकट हर किसी पर भारी पड़ रहा है. यहाँ के लोग इस संकट से कैसे उभर पाएंगे, इसका जवाब भविष्य के गर्त में है... जिले में मोटीखेड़ी, पठार, खेरोट, सुहागपुरा, दलोट ,अरनोद, सिद्धपुरा, बारावरदा समेत का ईलाके है जहाँ पानी की विकराल समस्या गहरा गई है. आने वाले वक्त में लोग कैसे पानी जुटाएंगे, यह वाकय में सोचने वाली बात है. किसानों और आम लोगो को अब बस अच्छी बारिश की उम्मीद है. क्योकि अब अच्छी बारिश ही स्थिति को बदल सकती है.

APC कोलेज में मीडिया-मिलन समारोह का आयोजन. मीडिया-कर्मियों से साधा संवाद.


प्रतापगढ़ के एशिया पेसिफिक कॉन्वेंट कोलेज में होली के बाद मीडिया मिलन समारोह का आयोजन हुआ. कार्यक्रम में APC के संस्थापक पिंकेश पोरवाल, प्रगति स्कूल और APC स्कूल के प्रिंसिपल समेत पूरा संस्था महकमा मौजूद रहा. सभी ने कार्यक्रम में आए लोगो का होली के रंग से तिलक लगा कर स्वागत किया. इसके बाद अलग-अलग कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से सभी का मनोरंजन किया. कार्यक्रम में पुराने गीतों की भरमार रही. कार्यक्रम में चार-चाँद लगाने के लिए हास्य-प्रस्तुति कार्यक्रम भी रखा गया, जिसमे अलग-अलग कलाकारों ने अपनी प्रस्तुत्यिओं से सभी को खूब हंसाया.. कार्यक्रम में आज ये युग में मीडिया की महत्ता पर प्रकाश डाला गया. एशिया पेसिफिक कॉन्वेंट कोलेज संस्थापक पिंकेश पोरवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया...

विद्युत विभाग में बरोठा के ग्रामीणों का हंगामा. पुलिस ने पहुँच कर लिया आरोपियों को हिरासत में. समझाइश के बाद शांत हुआ मामला.



विद्युत विभाग में लोगो ने आज जम कर हंगामा खड़ा कर दिया. हालत यह हो गई कि पुलिस को बुलाना पड़ा. दरअसल इन दिनों प्रतापगढ़ विद्युत विभाग का वसूली अभियान चल रहा है ऐसे में विभाग घर-घर जाकर कनेक्शन काट रहा है. जिन गाँवों में बकाया ज्यादा है, वहाँ पूरे गाँव की ही बिजली काटी जा रही है. विभाग ने गुज़रे कुछ दिनों में छ: गाँवों की बिजली बंद की थी. इसी में एक गाँव बरोठा के लोग आज विभाग पहुंचे और जम कर हंगामा खड़ा कर दिया. ग्रामवासी यहाँ बड़ी संख्या में पहुंचे थे. और आते ही अधिशाषी अभियंता के ऑफिस में हंगामा खड़ा कर दिया ऐसी हालत में विभाग ने पुलिस कंट्रोल रूम फोन कर सुचना दी और पुलिस पहुंची. पुलिस ने एक महिला समेत सभी लोगो को हिरासत में लिया. इसके बाद विभाग और गाँव वालो के बीच समझाइश की गई... बरोठा के ग्रामवासियों की मांग थी कि बिजली फिर चालु की जाए... इधर विभाग बिल जमा होने तक बिजली देने को तैयार नहीं है. बहरहाल पुलिस ने दखलअंदाजी कर मामला शांत कराया है. विद्युत विभाग को अपने वसूली अभियान में कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है.

होली के बाद शुरू हुए गैर-नृत्य! जिले भर में रही गैर की धूम. ग्रामीणों ने की बड़ी संख्या में शिरकत.




होली के बाद प्रतापगढ़ में गैर नृत्य शुरू हो गए है. जिला का सम्मानीय मीणा समाज अपना पारंपरिक गैर नृत्य कर सारे ग़मों-तकलीफों को भुला रहा है...


प्रतापगढ़ में हर साल होली-धुलंडी के बाद गैर नृत्य शुरू हो जाते हैं. ये नृत्य जिले का मीणा समाज करता है. इस नृत्य में ग्रामीण लोग हाथ में लाठियां लिए अनोखे तरीके से नाचते-गाते हैं. ये नृत्य बेहद आकर्षक होता है. जो भी इसे देखता है देखता रह जाता है. इस नृत्य में कोई संगीत नहीं होगा. बस ढोल की थाप होती और आदिवासी अपनी ही भाषा में अपने ही गीत गाते हुए नाचते रहते हैं. इस नृत्य के पीछे की मान्यता साल भर से सभी दुःख-तकलीफों को भुलाने की है. भले आर्थिक तंगी हो, या पारिवारिक झगडा, या फसल खराबे की चिंता, गैर नृत्य के साथ ग्रामीण सब कुछ भूल जाते हैं. इस नृत्य में साल में शादी करने वाले सभी लड़के दुल्हा बन कर आते हैं और नृत्य में भाग लेते हैं. दुल्हे की ड्रेस में नाचना-गाना बेहद शुभ माना जाता है. 

जिले के धोलापानी, बारवरदा, मधुरातालब, धरियावद समेत कई इलाको में यह नृत्य हो रहे हैं. जहाँ हजारों की संख्या में ग्रामवासी पहुँच रहे हैं. राजस्थान का प्रतापगढ़ एक ग्रामीण जिला है यहाँ ये नृत्य सालों-साल से चले आ रहे हैं. ये नृत्य पुरानी परम्पराओं को आज भी कायम रखे हुए हैं.