Saturday, October 3, 2015

दस साल की बेटी ने बाप को हत्यारों को दिलाई सजा. 2 चाचाओं ने बेरहमी से की थी हत्या. जिला एवं सेशन न्यायधीश ने सुनाया फैसला. खास रिपोर्ट!




प्रतापगढ़ में एक दस वर्षीय बच्ची की गवाही पर कोर्ट ने उसके पिता के दो हत्यारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इन भाइयों ने अपने ही एक भाई की बड़ी बेरहमी से हत्या कर डाली... क्या है पूरा मामला? देखिए-

जिन दो भाइयों को आप देख रहे हैं, इन्होने अपने एक सौतेले भाई शांतिलाल मीणा को बड़ी बेहरमी से जमीन विवाद के चलते मार डाला. घटना 2012 की है. जमीन के लालच में इन्होने अपने ही भाई की दर्दनाक तरीके से जान ले ली. यह घटना धरियावाद थाना क्षेत्र के गाँव की. महिला गान्ग्री मीणा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके पति को दो देवर जबरन उठा कर ले गए हैं. भाइयों ने उसके साथ मारपीट कर, हत्या कर, लाश को एक कुए में फैंक रखा है. मामले पर पुलिस ने तुरंत अनुसन्धान शुरू किया. कुए से पुलिस ने मृतक की लाश को बरामद किया. पुलिस ने कार्रवाई कर दोनों भाइयों को गिरफ्तार किया. गिरफ़्तारी के बाद आरोपियों को न्यायलय में पेश किया गया. जहाँ से न्यायधीश सुरेन्द्र कुमार स्वामी ने इन्हें आजीवन कारावास का दंड सुनाया गया...

महत्वपूर्ण बात यह रही कि इस मामले में मृतक शांतिलाल मीणा की दस साल की बेटी की गवाही को कोर्ट ने अहम माना... इसी बच्ची ने अपनी माँ को सारी घटना सुनाई थी और इसी ने कोर्ट में भी गवाही दी... कहते हैं बच्चे भगवान का रूप होते हैं, ऐसे में न्यायधीश ने भी बच्ची के एक-एक शब्दों पर गौर किया... और पाया कि अपराधियों ने क्रूर से भी क्रूर कृत्य किया है.. जिसके लिए आजीवन कारावास के कुछ भी कम देना, मृतक के साथ न्याय नहीं होगा...

पैसों के लालच में लोग क्या-क्या नहीं करते... कोई लालच किसी को इतना अंधा कर सकता है कि वह अपनों की ही जान ले ले! न्यायलय महिला को उसका पति तो लौटा नहीं सकती... लेकिन अपराधियों को आजीवन जेल में बंद देख महिला को थोड़ी राहत ज़रूर मिलेगी.

Friday, October 2, 2015

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई. 35 खाद्य पदार्थ निकले मिलावटी. नामी कंपनियों के प्रोडक्ट भी शामिल. नोर, यिप्पी और सनफीस्ट नूडल भी हानिकारक. खास रिपोर्ट!





प्रतापगढ़ के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है.. विभाग ने ऐसी नामी कंपनियों के नाम उजागर किए हैं, जिनके बनाए गए प्रोडक्ट्स हमारे स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं...

स्वास्थ्य विभाग के फ़ूड सेफ्टी ऑफिसर राजेश जांगिड ने 107 खाद्य पदार्थों के सेम्पल लिए. जांच के बाद 98 की रिपोर्ट आई, जिसमें 35 प्रोडक्ट स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाए गए... ये प्रोडक्ट अनसेफ, सब-स्टेंडर्ड, और मिस-ब्रांडेड पाए गए. आपको बतादें कि इन मिलावट करने वाली कंपनियों में नामी कंपनियां भी शामिल हैं. मेगी नूडल्स पर तो कार्रवाई हो चुकी है. इसके बाद नूर नूडल्स, यिप्पी नूडल्स और सनफीस्ट नूडल्स की मिलावट भी उजागर हुई है. और इस कार्रवाई में भी मेगी नूडल्स फिर हानिकारक पाए गए हैं. विभाग का दावा है कि ये प्रोडक्ट स्वास्थ्य को नुक्सान पहुंचा रहे हैं.. यही नहीं, विभाग ने घी के 7 सेम्पल भेजे जिनमे से 2 सेम्पल अनसेफ और 1 सेम्पल मिलावटी पाए गए. घी-दही-अचार के सेम्पल हानिकारक निकलना.. अपने आप में बड़ी समस्या है... क्योंकि ये वो प्रोडक्ट हैं, जिनका हम दिन में कई बार यूज करते हैं. कार्रवाई से साफ़ है कि किस तरह बाज़ार में मिलावटी प्रोडक्ट बिक रहे हैं. कंपनियों के नाम ऊंचे होते हैं, तो किसी को शक भी नहीं होता. इधर बाज़ार में धडल्ले से मिस-ब्रांडेड प्रोडक्ट भी बिक रहे हैं. लोग कई कंपनियों के फर्जी लेबल लगा कर अपना लोकल-मेड माल बेच रहे हैं. 35 में से 12 खाद्य पदार्थों के केस माननीय न्यायलय में दिए गए हैं, वहीँ बाकी सभी खाद्य पदार्थों पर अग्रिम कार्रवाई जारी है...

अभी तो ये 35 के ही नतीजे आए हैं, कई नमूने तो अभी भी बाकी हैं... अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि बाजार में किस कदर स्वास्थ्य के लिए घातक खाद्य पदार्थों को खूबसूरत डिब्बों में पेक कर बेचा जा रहा है... मिलावट से बचने के लिए लोग बड़ी कम्पनी के प्रोडक्ट खरीदते हैं... इस बात से अनजान रहते हुए कि यहीं बड़ी कंपनियां स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं...

तीन लाख की ब्राउन शुगर समेत तस्कर गिरफ्तार. तस्करी पर एक और कार्रवाई. रठांजना थाना पुलिस ने दिया कार्रवाई को अंजाम. भुवासिया से गिरफ्तार हुआ आरोपी.




प्रतापगढ़ पुलिस ने तीन लाख रूपए की ब्राउन शुगर ले जाते हुए एक बदनाम तस्कर को गिरफ्तार कर लिया है... पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मानों तस्कर माफिया में हडकंप है...

प्रतापगढ़ की रठांजना थाना पुलिस ने भुवासिया इलाके में नाकाबंदी की, जिस दौरान तस्कर कासम खान सामने से आता दिखा, जिसे घेराबंदी कर दबोच लिया गया.. युवक की तलाशी लेने पर तीन लाख रूपए की ब्राउन शुगर बरामद हुई. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्त में लिया और NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया. पुलिस की मानें तो यह आरोपी कासम खान पिता अलाबक्ष पास ही के गादोला का रहने वाला है, जो कि ब्राऊन शुगर तस्करी में लिप्त है. ब्राउन शुगर बेचना युवक का पेशा है. यह इस तरह ब्राउन शुगर लेकर निकलता है, और नशेड़ियों को मुह-मांगे दाम पर बेचता है. कार्रवाई में थानाधिकारी सवाई सिंह मय जाब्ता शरीक रहे.

प्रतापगढ़ के कुछ इलाके ऐसे हैं, जहाँ तस्करी परवान पर है... लेकिन पुलिस ने एक ही पखवाड़े में तस्करी पर दूसरी बड़ी कार्रवाई की है... जिसे देख लगता है मानों पुलिस ने मादक पदार्थों के लिए बदनाम प्रतापगढ़ में तस्करी रोकने की मुहीम शुरू कर दी हो..

KALU RAM RAWAT, SP : रठांजना थाना क्षेत्र में भुवासिया इलाके में नाकाबंदी की थी.युवक की तलाशी लेने पर तीन लाख रूपए की ब्राउन शुगर बरामद हुई.पुलिस ने आरोपी को गिरफ्त में लिया और NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया.

डोडा चुरा तस्करी पर बड़ी कार्रवाई. 2 क्विंटल डोडा चुरा ले जा रहे तस्कर गिरफ्तार. वेन में ले जाया जा रहा था डोडा चुरा. छोटी सादडी थाना पुलिस की कार्रवाई.



प्रतापगढ़ पुलिस ने डोडा चुरा तस्करी पर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. पुलिस ने 2 क्विंटल डोडा चुरा ले जा रहे 2 आरोपियों को शिकंजे में लिया है.

थाना छोटी सादडी को गोपनीय सूचना मिली कि एक मारूती वैन में कुछ व्यक्ति अफीम का अवैध डोडा चुरा भरकर जलोदा जागीर होते हुए बडी सादडी की तरफ जाने वाले है. सूचना विश्वसनीय होने से अति. पुलिस अधीक्षक रतनसिंह के निर्देश पर पुलिस उप अधीक्षक छोटीसादड़ी ओमप्रकाष उपाध्याय , थानाधिकारी छोटी सादडी बलवन्त सिह मय पुलिस बल जलोदा जागीर पुलिस चैकी पहुंचे. जहाँ चौकी के सामने नाकाबंदी की गई. नाकाबन्दी के दौरानजलोदा जागीर गांव की तरफ से एक मारूती वैन बडी सादडी की तरफ जाने लगी. वेन के चालक ने सामने पुलिस नाकाबन्दी देख वापस मोड़कर ले जाने का प्रयास किया. लेकिन पुलिस ने वेन को धर-दबोचा. वेन के पीछे वाले भाग में कुल 8 बोरो मे 2 क्विंटल 10 किलो डोडा चुरा भरा हुआ मिला. जिस पर वेन चालक व साथ में बैठे आरोपी को गिरफ्तार किया -

1. शाहरुख खान पिता अजीज खा मुसलमान उम्र 20 साल निवासी डूॅंगला जिला चित्तौडगढ।
2. होशियार शाह पिता रियाज शाह मुसलमान उम्र 23 साल निवासी डूॅंगला जिला चित्तौडगढ।

आरोपियों से डोडा चूरा व वेन को जब्त कर लिया गया है. आरोपियों के खिलाफ एन.डी.पीएस एक्ट के अन्तर्गत प्रकरण पंजिबद्ध किया गया है... अब पूछताछ की जा रही है, कि ये कहाँ से डोडा चुरा लाते थे, और कहाँ इसकी तस्करी करते थे.

BYTE RATAN SINGH, ADDITIONAL SP : सुचना मिलने पर नाकाबंदी की. मारुती वेन में 2 क्विंटल डोडा चुरा पकड़ा गया. दो आरोपियों को गिरफ्तार किया. 

Thursday, October 1, 2015

गरीब महिला के केलुपोश मकान में आग. पूरा घर जल कर ख़ाक. फायर ब्रिगेड से बुझी आग. अरनोद के जाजली की घटना.




प्रतापगढ़ के एक केलुपोश मकान में आग लगने से सनसनी फ़ैल गई. आग भी इतनी भयंकर, कि जो था सब ख़ाक हो गया..

यह एक गरीब आदिवासी का घर था, जिसमें आग लग गई. घटना अरनोद के जाजली की है. अज्ञात कारणों से एक केलुपोश मकान में आग लग गई. आग में घर में रखा TV, नगदी, अनाज समेत सब कुछ जल कर ख़ाक हो गया. ग्रामीणों ने प्रयास तो किया लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका. ऐसे में फायर ब्रिगेड को बुलाया गया, जिससे आग पर काबू पाया जा सका... आग बुझने के बाद बर्बादी का मंजर देख गरीब बुज़ुर्ग महिला हक्की-बक्की रह गई, जिसने अपनी मेहनत से घर बनाया था. गौरतलब है कि जिस बुज़ुर्ग महिला का यह घर है, वो अपनी तीन पोतियों के साथ रहती है... और मजदूरी कर पेट पालती है... लेकिन दुखद बात यह कि प्रशासन के पास भी आश्वासन के अलावा देने के लिए कुछ नहीं है...

रवि मोरवार, रिपोर्टर, अरनोद

संभागीय आयुक्त को ज़ी मीडिया ने बताई जिले के समस्या. आयुक्त से दिया कार्रवाई का भरोसा. मीडिया की पहल के बाद खराब सड़कों के लिए PWD अधिकारी से भी की बात.



प्रतापगढ़ में संभागीय आयुक्त का दौरा अधिकारीयों के लिए सरदर्द बन गया. आयुक्त जब कार्यक्रम में पहुंचे तब व्यवस्था में अभाव रहा... मिनी सचिवालय का निरिक्षण करने पर भी कई खामियां उजागर हुई...

प्रतापगढ़ में आज उदयपुर संभाग के आयुक्त भवानी सिंह देथा ने औचक निरिक्षण किया. यहाँ उन्होंने कई विभागों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया. निरिक्षण में कई सारी खामियां पाई गई. साथ ही कर्मचारियों की कमी पर भी उन्होंने चिंता जाहिर की. मीडिया द्वारा चिकित्सकों और सड़कों की समस्या पर भी देथा बोले, और कलेक्टर से जानकारी लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया. आपको बतादें कि प्रतापगढ़ TSP इलाका है, जहाँ संसाधनों और व्यवस्थाओं में खामी निकलना आम बात हो चली है. विभाग कोई भी हो, अपना काम करवाना गरीब आदिवासियों के लिए टेढ़ी खीर से कम नहीं है...

प्रतापगढ़ के प्रमुख विभाग बदहाली की भेंट चढ़े हुए हैं. जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों की कमी है. यहाँ कोई चिकित्सक आना नहीं चाहता, जिससे जनता परेशान है. TSP क्षेत्र होने से यहीं के चिकित्सकों को यहीं लगाने का प्रयास किया गया, लेकिन कारगर साबित नहीं हुआ. हाल में आयोजित WALK-IN-INTERVIEW में भी कोई नहीं पहुंचा. ऐसे में समस्या बढती जा रही है. गाय्कोनोलोजिस्ट की कमी से प्रसूताओं की जान पर भी खतरा बना हुआ है.

भवानी सिंह देथा, संभागीय आयुक्त :  कलेक्टर को निर्देश देंगे. कि जायजा लें.. रिटायर्ड आदमी को लगाएंगे या फिर नए डॉक्टर्स को लगेंगे.. हर जगह यही हालत है. डॉक्टर आना नहीं चाहते. फिर भी बात करके देखेंगे.. सेंसेटिव ISSUE है. CMHO से बात करेंगे, प्रस्ताव भेजेंगे...यहीं नहीं..डूंगरपुर, बांसवाडा, जैसलमेर सभी जगह यही हाल हैं...

दूसरी ओर इस आदिवासी इलाके में सड़कों की हालत बेहद खस्ता है. जिले का कई गाँव ऐसे हैं जहाँ सड़कें नहीं पहुंची है. इसके अलावा घटिया सामग्री का निर्माण किये बनाई गई सड़कें बार-बार टूट जाती हैं... वर्तमान में प्रतापगढ़ से जुड़े सभी मुख्य मार्ग टूट चुके हैं. लेकिन विभागीय अधिकारीयों के सुस्त रवैये से समाधान नहीं हो रहा है...
भवानी सिंह देथा, संभागीय आयुक्त : कलेक्टर से हम कहेंगे, कि सड़कें बार-बार टूट रही है. तो मोनिटरिंग कर एक्शन लें.

इसके अलावा जिले भर के विभागों में कर्मचारियों की कमी भी परेशानी का सबब बनी हुई है. कर्मचारियों के अभाव में विभाग का संचालन मुश्किल बना हुआ है... सरकार का स्वच्छ भारत अभियान चल रहा है, लेकिन खुद मिनी सचिवालय में ही गंदगी का अम्बार लगा हुआ है. ऐसे में भी आयुक्त अधिकारीयों पर झल्ला गए.
भवानी सिंह देथा, संभागीय आयुक्त: स्टाफ और साफ़ सफाई का इशु है, जिसे ठीक किया जाएगा...

आयुक्त ने कार्रवाई का आश्वास देकर उम्मीदों के पर तो बाँध दिए, लेकिन ज़रूरत है उन अधिकारीयों को हरकत में लाने की जो जिला मुख्यालय पर विराजमान हैं... क्योंकि किसी भी योजना को आखरी रूप इन्हें ही देना होता है.

जैन संत श्री सुनील सागर जी महाराज का आशीर्वाद लेने पहुँच रहे लोग. बत्तीस उपवास करने वाले तपस्वियों का निकला वरघोडा. तपस्वी परिवारों की ओर से प्रभावना का वितरण.



धर्म जन्म से बंधा हुआ नहीं है... जो व्यक्ति तत्व को समझ कर जिन मार्ग को अपना लेता है वही तो जैन है! जैन धर्म के जितने भी तीर्थंकर हुए सभी क्षत्रीय वंश के थे और उनके जो प्रमुख शिष्य हुए वे सभी ब्रहामण थे. धर्म तो कर्म के साथ जुडा है ये विचार दिगम्बर जैन आचार्य सुनील सागर जी महाराज ने अपने प्रवचनों में व्यक्त किए.

पर्युषण पर्व में बत्तीस उपवास करने वाले तपस्वियों की अनुमोदना के लिए आयोजित धर्म सभा में बोलते हुए आचार्य श्री ने कहा - भोगो की अभिलाषा करना मूर्खता है भोगते भोगते आदमी का पूरा जीवन गुजर गुजर जाता है लेकिन उसे शांति नहीं मिलती है. शान्ति तो त्याग करने से ही मिलती है जिनवानी कहती है जीवन में जितना त्याग करोगे जितना छोडने का प्रयास करोगे वो ही पुरुषार्थ है बाकी तो सब माया है. ये काया की कश्ती कब डूब जायेगी किसी को नहीं पता. माया का मोह और काया का श्रृंगार जिसने छोड़ दिया उसका जीवन सफल है. जैन धर्म इन्द्रियों व कषायों को जीत कर श्रेष्ठ चारित्र पालन करने की बात कहता है और जो इन बातो का पालन करते है वे जिनेन्द्र हो जाते है. आगे आचार्य श्री ने अपने उद्बोधन में सन्मति समवशरण में बड़ी संख्या में उपस्थित श्रावको को सम्बोधोत करते हुए कहा की दुनिया में कोई भी सेठ हो अपने मुनीम को सेठ नहीं बनाएगा. कोई कंपनी का मेनेजर अपने यहाँ काम करने क्लर्क को अपनी जगह नहीं बिठाएगा.

कोई भी बड़ा नेता हो अपनी कुर्सी अपने कार्यकर्ता के लिए खाली नहीं करता है लेकिन तीन लोको के स्वामी भगवान महावीर कहते है - सब हमारे जैसे बनो और उनके लिए हम स्थान छोडने के लिए तैयार है जरुरत है सिर्फ उनके समान पुरुषार्थ करने की मोह की नींद से उठकर जो उध्यम करता है और आत्म्द्रिश्ती रखता है वह निश्चीत रूप से बंधन मुक्त हो जाता है मानव जीवन बहुत मुश्किल से मिलता है और उसमे जैन धर्म तो बहुत ही कठीण है ऐसे जैन धर्म में जन्म लेने के बाद भी पुरुषार्थ नहीं किया तो यह जीवन पशुओं के समान है इसलिए धर्म से नहीं कर्म से जैन बनना है .
बत्तीस उपवास करने वाले तपस्वियों का निकला वरघोडा:- आचार्य सुनील सागरजी महाराज की निश्रा में दिगम्बर जैन समाज के पर्युषण पर्व में बत्तीस उपवास करने वाली दो तपस्वियों का विशाल वरघोडा निकाला गया. वरघोडे में हजारों की संख्या की शामिल महिलाएं और पुरुष भक्ति गीतों पर नृत्य करते हुए चल रहे थे . पर्युषण पर्व की आराधना के तहत दो महिला तपस्वियों रमिला जैन और पुष्पा जैन ने बत्तीस दिनों तक निराहार रह कर आराधना की तप के इन दिनों में इन्होने बिना कुछ खाए केवल पानी लिया वो भी दिन में केवल एक बार. इन तपस्वियों की अनुमोदना के लिए नया मंदिर से बेंड बाजो और ढोल नगाडो के साथ विशाल चल समारोह निकाला गया. मार्ग में जगह जगह तपस्वियों का माला और श्रीफल भेंट कर स्वागत किया गया. समारोह में बड़ी संख्या में राजनैतिक दलों और सामजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों के साथ विभिन्न समाजो के लोग शामिल हुए .चल समारोह वापस नया मंदिर पर आकर समाप्त हुआ जहाँ पर तपस्वी परिवारों की ओर से प्रभावना का वितरण किया गया .