Thursday, February 24, 2022

बस्सी में बोटिंग, क्रोकोडाइल सफारी, ट्रेकिंग से पर्यटक हो रहे रोमांचित

BASSI WILDLIFE SANCTUARY

पर्यटकों के लिए आकर्षक स्पॉट बन रहा बस्सी वन्यजीव अभयारण्य

बोटिंग, क्रोकोडाइल सफारी, ट्रेकिंग से पर्यटक हो रहे रोमांचित

अब इको टूरिज्म के लिए भी विख्यात हो रहा चित्तौड़गढ़

- प्रवेश परदेशी, सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी, चित्तौड़गढ़ 

चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ जिला अपनी ऐतिहासिक विरासत के लिए देश ही नहीं पूरे विश्व में जाना जाता है। यहाँ का दुर्ग यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साईट में शामिल है। देश-विदेश से पर्यटक बड़ी संख्या में यहाँ दुर्ग देखने पहुँचते हैं। लेकिन वन विभाग के निरंतर प्रयासों से अब यह जिला फोर्ट के साथ-साथ इको टूरिज्म के लिए एक उत्कृष्ट स्थल के तौर पर भी प्रदेश के मानचित्र पर जाना जा रहा है। उप वन संरक्षक (वन्यजीव) टी मोहन राज की टीम निरंतर जिले में इको टूरिज्म को विकसित करने में दिन-रात एक कर रही है।

करीब 138 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले बस्सी वन्यजीव अभयारण्य में गत दिनों हुए विभिन्न विकास कार्य एवं नवाचार पर्यटकों को लुभा रहे हैं। पर्यटक यहाँ आकर बस्सी डेम में बोटिंग का आनंद ले रहे हैं। इस दौरान जगह-जगह दिखाई देने वाले मगरमच्छ भी आकर्षण का केंद्र बने रहते हैं। वन विभाग ने यहाँ पर्यटकों के लिए गेस्ट हॉउस को भी काफी बेहतर कर दिया है। उप वन संरक्षक (वन्यजीव) टी मोहन राज ने बताया कि वन विभाग इको-टूरिज्म साइट्स विकसित करने हेतु निरंतर अभिनव प्रयास कर रहा है, जिसके सुखद परिणाम भी दिखाई दे रहे हैं। मंगलवार को उप वन संरक्षक (वन्यजीव) टी मोहन राज, एसीएफ़ सुनील कुमार सिंह, रेंज ऑफिसर अब्दुल सलीम और मीडियाकर्मियों ने बस्सी अभयारण्य को देखा एवं बोटिंग, क्रोकोडाइल सफारी आदि एक्टिविटी की।





बोटिंग के साथ-साथ क्रोकोडाइल सफारी का लुत्फ़ उठा रहे पर्यटक

बस्सी अभयारण्य पहुँचते ही मेघपूरा गेस्ट हाउस से मात्र एक किलोमीटर दूर बस्सी डेम का एक छोर मिलता है। यहाँ वन विभाग द्वारा बोटिंग शुरू की गई है। एक बार में अधिकतम 14 पर्यटक इसमें बैठ सकते हैं। करीब 30-40 मिनट की राइड के दौरान क्रोकोडाइल पॉइंट तक ले जाया जाता है। इस दौरान चारों ओर वन क्षेत्र की वादियों के बीच बोटिंग पर्यटकों के लिए बेहद आनंददायी होती है। बोटिंग के दौरान बहुत ही सहज रूप से दोनों ओर पानी के किनारे कई मगरमच्छ आराम करते और धुप सेकते दिखाई दे जाते हैं। मगरमच्छों को इस तरह स्वच्छंद विचरण करता देख पर्यटक इन्हें कैमरे में कैद करना नहीं भूलते. इसलिए बोटिंग सफारी को अब क्रोकोडाइल सफारी भी कहा जाने लगा है।




बस्सी की जंगल सफारी भी है ख़ास

बस्सी वन्यजीव अभयारण्य में पर्यटक ट्रेक पर जीप सफारी और साइकिलिंग का भी लुत्फ़ उठा सकते हैं। मेघपुरा गेस्ट हाउस से करीब 12 किलोमीटर का एक राउंड लेते हुए पर्यटक पुन: मेघपुरा गेस्ट हाउस पहुँचते हैं। इस दौरान सराणा तालाब, क्रोकोडाइल पॉइंट हट, विभिन्न वोटर बोडिज़, सोलर पम्प आदि पर्यटक देख पाते हैं। मार्ग में चारों ओर घना जंगल आकर्षण का केंद्र होता है। फिलहाल यहाँ कमर्शियल जीप सफारी शुरू नहीं की गई है, लेकिन बहुत जल्द यह भी शुरू होने की संभावना है।

मोडल गेस्ट हाउस में ठहरने की है उत्कृष्ट व्यवस्था



कोटा मार्ग स्थित टोल बूथ से पहले बस्सी वन्यजीव अभयारण्य में प्रवेश करते ही मेघपूरा गेस्ट हाउस है, जिसे हाल ही में काफी रिनोवेट किया गया है। इसे अगर वन विभाग का एक मोडल गेस्ट हाउस कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। यहाँ अलग-अलग श्रेणी के करीब पांच-छह कमरों में पर्यटकों के ठहरने के लिए काफी संतोषप्रद व्यवस्था की गई है। स्थानीय रेंज ऑफिसर अब्दुल सलीम यहाँ निरंतर व्यवस्थाओं की स्वयं मॉनिटरिंग करते हैं। गेस्ट हाउस काफी अच्छे से मेन्टेन किया गया है। यह उदयपुर संभाग के सबसे शानदार फारेस्ट गेस्ट हाउस में से एक है।

बस्सी अभयारण्य विभिन्न वन्य जीवों की है शरणस्थली

बस्सी वन्यजीव अभयारण्य में कुल 14 वन खंड है। इसमें जालेश्वर, राजपुरिया, भुंगड़िया, पाट, बोकड़िया, कालामगरा, नीमघट्टी, महेशरा, नन्दवास बी, कोठा, बड़ामगरा, बिछौर, नन्दवास ऐ, आमझरिया हैं। इस क्षेत्र में अन्य जंगली जानवर यथा बघेरा, चिंकारा, चीतल, जंगली सुअर, नीलगाय, खरगोश, सेही, लोमड़ी, सियार ,मॉनिटर छिपकली, जरख, चोसिंगा जैसे स्थलीय जानवरों के अतिरिक्त मगरमच्छ, अजगर, कच्छुआ आदि जलीय जीवों का निवास है। इसके अतिरिक्त मौसम अनुरू प यहाँ देश-विदेश से हजारों की संख्या में विभिन्न प्रकार के पक्षी भी प्रजनन करने यहाँ आते हैं।







इनका कहना है:

इको टूरिज्म को बढावा देने एवं वाइल्ड लाइफ कंज़रवेशन के लिहाज बस्सी अभयारण्य में कई अभिनव प्रयास किये जा रहे हैं। बस्सी आने वाले पर्यटकों से हम नियमित तौर पर सुझाव भी ले रहे हैं। बोटिंग और क्रोकोडाइल सफारी शुरू होने के बाद से पर्यटकों का रुझान और बढ़ा है। हम निरंतर बेहतर करने का प्रयास करते रहेंगे।

- टी मोहन राज (आईएफएस), उप वन संरक्षक (वन्यजीव), चित्तौड़गढ़

Tuesday, October 18, 2016

प्रतापगढ़ में व्यापारी से लूट की वारदात को अंजाम देकर भाग रहे थे ये लूटेरे...लेकिन पकडे गए.

प्रतापगढ़ में सुनसान जंगल में तलवार दिखा कर स्कूटी सवार व्यापारी से लूट के मामले में पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए...दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

दरअसल व्यापारी प्रवीण जैन स्कूटी लेकर अपने गांव जा रहा था। इस दौरान झाडिय़ों में छिपे चार बदमाश उसे रोककर---तलवार के बल पर 15 सौ रुपए, सोने की चेन, अंगूठी और स्कूटी छीन कर फरार हो गए। इसके बाद प्रवीण ने पुलिस को सूचना दी। पीडि़त ने बताया कि लुटेरे चार थे और दो मोटरसाइकिलो पर सवार थे। मामला सामने आते ही पुलिस ने नाकाबंदी की। लुटेर दूर से ही पुलिस को देखकर दूसरी तरफ भाग निकले। पीछा करने का यह खेल लगातार चलता रहा...इसी बीच प्रतापगढ़ पुलिस ने बांसवाड़ा पुलिस को सूचना देकर दानपुर इलाके में नाकाबंदी करार्ई। तीन तरफ से अपने को घिरा देख लुटेरे जंगल में भागने लगे। इस पर ग्रामीणों व पुलिस ने पीछा कर दो को गिरफ्तार कर लिया.फ़िलहाल दो गिरफ्त में है, और बाकी दो की तलाश की जा रही है. कार्रवाई के दौरान घबराए लूटेरों ने वाहन जंगल में ही छोड़ दिए, जिस पर पुलिस ने दोनों मोटरसाइकिलें और व्यापारी की स्कूटी ज़ब्त कर ली है.

प्रतापगढ़ में मगरमच्छ आया पानी से बाहर, फिर क्या हुआ? देखिए.

प्रतापगढ़ में मगरमच्छ पानी से बाहर आकर आबादी क्षेत्र में घुस गया और लोगो में अफरा-तफरी मच गई...कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को रेस्क्यू किया गया.

देवगढ़ वन क्षेत्र के आड़ावेला का यह मामला है, जहाँ सुबह एक मगरमच्छ आबादी क्षेत्र में आकर एक बाड़़े में घुस आया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को दो घंटे की मशक्कत के बाद पकड़कर जाखम बांध में छोड़़ दिया। रेस्क्यू टीम में वन अधिकारी के साथ विभाग के राधेश्याम शर्मा, लेहरूलाल मीणा, सूर्यसिंह समेत कई कर्मचारी शामिल थे। ग्रामीणों ने बताया कि मगरमच्छ के घुसते ही बाड़े में बंधी गाय चिल्लाने लगी, जिसके बाद लोगो को मगरमच्छ के बारे में पता चला.

राम-रावण की सेना में बहस के बाद, रावण को गोलियों से किया छलनी. प्रतापगढ़ के बरोठा में विशेष आयोजन.

प्रतापगढ़ के बरोठा में विशेष आयोजन हुआ. दशहरे के ठीक पांच दिन बाद यहाँ बन्दूक से रावण को छलनी किया गया. लेकिन यह आयोजन थोडा दिलचस्प रहा, रावण को मारने से पहले राम और रावण की सेना में जम कर बहस हुई, और माहौल रोमांच से भर उठा.

रावण दहन को लेकर हर साल देश भर में उत्साह रहता है. लेकिन प्रतापगढ़ जिले के बरोठा में दशहरे के ठीक पांच-छ: दिन बाद एक विशेष आयोजन होता है, जिसका सभी को बेसब्री से इंतज़ार रहता है. इस बार भी हुआ आयोजन बेहद दिलचस्प रहा. रावण को गोलियों से छलनी किया गया, तो इससे पहले राम-रावण की सेना में खूब बहस हुई.. राम की सेना ने रावण पर तो रावण की सेना ने राम पर बातों ही बातों के खूब तीर बरसाए...

इसके बाद शुरू हुआ रावण को छलनी करने का सिलसिला. बन्दूकों के लाइसेंस धारी मैदान में पहुंचे, और रावण को गोलियों से दागना शुरू किया. कुछ ही देर में रावण को ढेर कर दिया. इस आयोजन में ग्रामीण बड़ी संख्या में शरीक हुए. और पुलिस के भी इंतजाम पुख्ता रहे.
रावण को बन्दूक से छलनी करना और इससे पहले अनोखी बहस होना दिलचस्प होता है. ऐसा करके ग्रामीण हर गम-तकलीफ को भूल जाते हैं. रावण को जलाने के बजाय गोलियों से छलनी कर पर्यावरण संरक्षण का सन्देश भी दिया जाता है.

प्रतापगढ़ में नाबालिग लड़की से गेंगरोप. पुलिस ने गिरफ्तार किए तीन दरिंदे.

प्रतापगढ़ पुलिस ने अहम कार्रवाई करते हुए नाबालिग लड़की के साथ गेंगरेप के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. लड़की अपने भाई के साथ घर जा रही थी, तभी दरिंदों ने इस वारदात को अंजाम दिया.

मामला घंटाली थाना क्षेत्र का है. एक नाबालिग लड़की ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह दशहरा मेला देखकर अपने मामेरे भाई के साथ घर जा रही थी, रास्ते में करीब आठ लोग शराब पी रहे थे. और उसके भाई को पीटने लगे. एक युवक जबरन उसे उठा कर कहीं ले गया और निर्वस्त्र कर बलात्कार किया, इसके बाद दूसरे ने भी किया...ऐसे कर बेरहमी से उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया. मामला सामने आने के बाद एसपी ने भी तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए. और पीपलखूंट DSP जगराम मीणा के नेतृत्व में घंटाली थाना पुलिस ने तीन आरोपियों विक्रम, प्रकाश और निर्मल को गिरफ्तार कर लिया. बाकी अन्य आरोपियों की भी तलाश की जा रही है.

Saturday, August 6, 2016

प्रतापगढ़ में भीषण हादसा. गेस रिसाव से किचन में हुआ विस्फोट! परिवार के 5 लोग झुलसे.



प्रतापगढ़ के एक घर में गेस रिसाव से भीषण आग लग गई... किचन में विस्फोट हुआ और परिवार के 5 लोग गंभीर रूप से झुलस गए.
हादसा धमोतर थाना क्षेत्र के कुलमीपूरा का है. यहाँ सुबह महिला कीचन में चाय बनाने गई. जैसे ही लाइटर ओन किया, किचन में फैली गेस ने आग पकड़ ली और जोरदार विस्फोट हुआ. हादसे में पति-पत्नी, दो बच्चे और एक बुज़ुर्ग महिला गंभीर रूप से झुलस गए. इलाके में अफरा-तफरी मच गई. लोग पीडितो को अस्पताल लेकर पहुंचे. जहाँ से बुज़ुर्ग महिला को छोड़ बाकी चारों को उदयपुर रेफर कर दिया गया. बताया गया कि रात को उपयोग में लेने के बाद गेस बंद करना भूल गए थे, या टंकी से रिसाव के चलते किचन में ये गेस फ़ैल गई और फिर ये हादसा हो गया.
किचन में काम पूरा होने के बाद सिलेंडर पर गेस जरुर बंद करें और कटी-फटी नालियों को तुरंत रिप्लेस करें...इसके अलावा ये जांच लें कि गेस बंद है या नहीं. ये वो सावधानियां है, जो आपको प्रतिदिन जरुर बरतनी चाहिए.

जिला जेल में कैदी ने पिया एसिड. होने लगी खून की उल्टियां. पहुँचाया अस्पताल.



प्रतापगढ़ जिला जेल में आज एक विचाराधीन कैदी ने एसिड पी लिया...हालत खराब हुई तो जिला अस्पताल से उदयपुर रेफर कर दिया गया.कैदी का नाम रामा मीणा है, जो कि हत्या के एक मामले में विचाराधीन था. कुछ दिनों पहले जेल में ही कैदी ने सफाई का एसिड छिपा कर रख लिया. और आज अचानक शौच करने के बाद एसिड पी लिया. इसके बाद उसे खूब की उल्टियां होने लगी. हालत बेकाबू होने लगी. इलाज के लिए जिला चिकित्सालय लाया गया, लेकिन यहाँ से उदयपुर रेफर कर दिया. अभी कैदी की हालत गंभीर बनी हुई है...कैदी से बातचीत के दौरान उसने आत्महत्या के प्रयास के पीछे का कोई भी कारण स्पष्ट नहीं किया है.मामले की जांच की जा रही है.

ट्रेक्टर नहीं रोका, तो कर दी हत्या! धरियावद के खूंता में कुछ यही हुआ. लेकिन पकडे गए सभी आरोपी.


प्रतापगढ़ में ट्रेक्टर नहीं रोकने पर एक युवक की पत्थर मार कर हत्या कर दी... मामला धरियावद थाना इलाके के खूंता का है. दो दिन पहले सनसनी खेज तरीके से शव मिलने के मामले में हत्या का खुलासा हुआ है..और पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

पोरिया नाम के युवक की लाश दो दिन पहले सुनसान जगह पड़ी मिली थी...मृतक के ससुर अमरा की रिपोर्ट पर थाना धरियावद पर हत्या का प्रकरण दर्ज किया था. प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा टीम गठित की गई... टीम द्वारा गोपनीय जानकारियां एकत्रित की गई अरु साइबर सेल इंचार्ज फेलीराम द्वारा जुटाई गई तकनीकी एवं गोपनीय जानकारी से हत्यारे अर्जुन मीणा, श्याम लाल मीणा ,शंभू मीणा, एम्पु मीणा, शंकर मीणा, नारायण मीणा को दिनांक को डिटेन किया गया और इनसे गहन पूछताछ पर हत्या की घटना कारित करना बताया...ये सभी हत्यारे 18 से 21वर्ष के ही है... हुआ यह था कि ये सभी आरोपी नदी में बहती हुई लकड़ियां एकत्रित कर रहे थे और ट्रेक्टर चालक पोरिया को रोकना चाहा तो उसने ट्रक्टर नही रोका. जिस पर सभी आरोपियों ने उसका पीछा किया और पत्थर फेंके. पत्थर की मृतक पोरिया के सिर में चोट लगने से वह नीचे गिर गया और उसकी मृत्यू हो गई.

प्रतापगढ़ स्थाई लोक अदालत ने PWD के दो बड़े अधिकारियो को जारी किए अवमानना के नोटिस! मंदसौर रोड मामला.

प्रतापगढ़ में बदहाल मंदसौर मार्ग पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है... PWD के दो बड़े अधिकारियो पर कोर्ट के आदेश ना मानने की कार्रवाई शुरु हो गई है और कोर्ट ने दोनों अधिकारियो को कोर्ट के आदेश की अवमानना का नोटिस भेज दिया है.

अधिवक्ता रमेश शर्मा के अनुसार प्रतापगढ़ स्थाई लोक अदालत में सेशन जज हेमंत कुमार जैन ने मंदसौर रोड बदहाली के मामले में कोर्ट ने PWD के दो बड़े अधिकारियो को न्यायलय के आदेशों की अवमानना के नोटिस जारी किए है. PWD के चीफ इंजिनियर जी.एल. राव और प्रिंसिपल सेक्रेटरी डी.बी.गुप्ता को ये नोटिस भेजे गए है...दरअसल कल 4 अगस्त तक कोर्ट में दोनों अधिकारियो को पेश होना था. पर वे नहीं हुए...अब 19अगस्त तक कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश दिए गए हैं. कोर्ट के सख्त आदेशो के बावजूद एक माह के अंदर PWDने प्रतापगढ़ जिले के व्यस्ततम मंदसौर मार्ग को ठीक नहीं कराया, ऐसे में पहले ही अवमानना की कार्रवाई चल रही है.एक बार फिर कोर्ट सख्त हो गई है. इस रोड की बदहाली से जन आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है. आज की तारीख में, यह जिले का सबसे बड़ा, गंभीर और चर्चित मुद्दा है...

Friday, July 8, 2016

वन विभाग ने वन विस्तार के लिए तैयार किए गए कई पौधे. 2250 हेक्टेयर में होगा पौधारोपण.



प्रतापगढ़ जिले में वन क्षेत्र लगातार घटता जा रहा है. जंगल का दायरा सिमट रहा है. पर इसके समाधान के लिए वन विभाग ने प्रयास तेज कर दिए हैं. कई पौधे तैयार किए गए हैं, जिन्हें हजारों हेक्टेयर वन क्षेत्र में लगाया जाएगा. ऐसा करके वन विभाग वन विस्तार की कवायद कर रहा है.

प्रतापगढ़ जिले को प्रकृति के लिहाज़ से समृद्ध इलाका माना जाता है. साल भर बहने वाले नदी नाले, घने जंगल, झरझर गिरते झरने और तरह-तरह के वन्य जीव यहाँ की शान है. लेकिन अब जंगल का दायरा सिमट रहा है. ऐसे में वन विभाग ने इसके लिए प्रयास भी तेज कर दिए हैं. वन विभाग ने बड़ी संख्या में अलग-अलग पौधे तैयार किए हैं, जिन्हें जिले भर के करीब 2250 हेक्टेयर वन क्षेत्र में लगाया जाएगा. जिले के 6 फोरेस्ट रेंज में यह काम किया जाएगा. इसके लिए जिले के मुख्य वन अधिकारी उप वन संरक्षक IFS सुगना राम जाट ने सभी क्षेत्रीय वन अधिकारीयों को निर्देश दे दिए हैं. लगभग सभी पौधे तैयार हैं. वर्षा ऋतू इसके लिए सबसे उपयुक्त समय है, ऐसे में वन विभाग ने आज से काम शुरू कर दिया है. जिले में पहले वन क्षेत्र विस्तृत रूप से फैला था, लेकिन वनों में बढ़ी मानवी घुसपैठ से यह कम होता गया. ऐसे में वृक्षारोपण पर ही वन विस्तार की उम्मीद टिकी हुई है. प्लानिंग अच्छी है, पर इस काम को ठीक से अंजाम दिया जाना भी जरुरी है.

Thursday, July 7, 2016

प्रतापगढ़ के जिला कलेक्टर ने पीपलखूंट में किया विभिन्न कार्यों का निरीक्षण. उप वन संरक्षक और विकास अधिकारी रहे साथ.


प्रतापगढ़ में वन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना और फॉर वोटर कंसेप्ट के तहत किये गए निर्माण कार्यों का जिला कलेक्टर IAS चंद्रशेखर मूथा ने निरीक्षण किया. इस दौरान उप वन संरक्षक IFS सुगना राम जाट और इलाके के विकास अधिकारी फ़तेह सिंह भी साथ रहे.


अधिकारीयों ने इस दौर में पीपलखूंट उपखंड के चुली, खाखरी खेडा, कुण्डाल, जामली और पावटी में निरीक्षण किया. यहाँ MPT, छोटे तालाब और अन्य संरचनाओं का निरीक्षण किया गया. देखा गया कि बनाई गई संरचनाओं की क्या स्थिति है, और क्या आने वाले वक्त में लोगो की जरूरत पूरी करने की काबिल हैं भी या नहीं...इस मौके पर जिला कलेक्टर ने वन विभाग द्वारा कराए गए कार्यों की सराहना की. और आशा जताई कि इस पहल से क्षेत्र के जल स्तर में वृद्धि होगी. इसके साथ ही जिला कलेक्टर ने नाबार्ड के तहत 50 हेक्टेयर में किए गए वृक्षारोपण का भी निरीक्षण किया. और पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित की. सारी व्यवस्था माकूल पाए जाने पर कलेक्टर ने ऐसे ही काम करने की उम्मीद जताई... वन विभाग द्वारा भी जल संरक्षण के लिए गाँव-गाँव MPT,छोटे तालाब आदि बनाने का काम करवाया गया है. ताकि बारिश का पानी संचय हो, और जमीन में चार्ज हो.. प्रतापगढ़ पहाड़ी इलाका है, लिहाज़ा पानी टिक नहीं पाता...बह कर चला जाता है. ऐसे में इन छोटे तालाबों और MPT को वरदान माना जाने लगा है.

प्रतापगढ़ की करमदिया नर्सरी में बनाया गया ग्रीन हाउस. विभिन्न किस्म के पौधे किये जा रहे तैयार.




प्रतापगढ़ की करमदिया नर्सरी में में नया ग्रीन हाउस बनाया गया है. इसमें ऐसे पौधे तैयार किए जा रहे हैं जो कम तापमान में पाए जाते हैं. वन विभाग के मुख्य अधिकारी और उप वन संरक्षक सुगना राम जाट का कहना है कि ऐसा करके वे विलुप्ति की कगार पर चल रहे पौधों को डेवेलप कर सकेंगे. इसके बाद इनका वितरण किया जाएगा, कई पौधों को वन क्षेत्र में रोपा जाएगा. ऐसा करने से विलुप्त होती प्रजातियों को संरक्षण मिलेगा साथ ही नए पौधों के साथ आभा में भी निखार आएगा. इस ग्रीन हाउस में कई पौधे तैयार किये जा रहे हैं. ग्रीन हाउस सूरज की रौशनी से पौधों को सिंचित करता है, साथ ही तापमान को भी नियंत्रित रखता है. जिससे पौधे सूरज की रौशनी के साथ साथ कम तापमान में बढ़ सकते हैं. इसमें विभिन्न प्रकार के पौधे तैयार किए जा रहे हैं. ऐसे पौधे भी जो प्रतापगढ़ में पाए नहीं जाते.

प्रतापगढ़ में लोडेड पिस्टल के साथ पुलिस ने गिरफ्तार किया आरोपी. पिस्टल लेकर सरेआम घूम रहा था युवक.



प्रतापगढ़ की हथुनिया थाना पुलिस ने लोडेड पिस्टल लेकर सरेआम घूमते एक शख्स को गिरफ्तार करने में कामयाबी हांसिल की है...

हथुनिया थाना पुलिस जाब्ते के साथ नाकाबंदी कर रही थी. इसी दौरान एक नौजवान बाइक पर आता नज़र नज़र आया. पुलिस को देख बाइक पलटा कर भागने लगा. पुलिस ने पीछा कर पकड़ लिया और तलाशी लेने पर कमर के पास डाली हुई लोडेड पिस्टल मिली. पिस्टल में पांच कारतूस भी भरे हुए थे. युवक ने अपना नाम मोहम्मद खान बताया जिसकी उम्र महज़ 20वर्ष है. पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले का रहने वाला बताया जा रहा है, और आरोपी ने यह पिस्टल मंदसौर जिले के ही इमरान खान से लाना बताया है., इसी के साथ हथुनिया थाना पुलिस ने एक अन्य मामले में कुणी के पास आम रोड पर हाकिम बाबर खान नाम के आरोपी को सरेआम धार-धार हथियार लेकर घूमते गिरफ्तार किया है.

प्रतापगढ़ वन विभाग ने वन महोत्सव की तैयारियां की शुरू


प्रतापगढ़ में वन विभाग ने वन महोत्सव की तैयारियां शुरू कर दी है. इस साल का यह जिला स्तरीय कार्यक्रम जिला परिषद में मनाया जाएगा.

इसके लिए तैयारियां जोरों पर है. सभी क्षेत्रीय वन अधिकारियो को कार्यक्रम सफल बनाने के लिए निर्देशित कर दिया गया है. इसी के साथ ही महोत्सव के लिए पौधे भी तैयार किए जा रहे हैं. वन विभाग के उप वन संरक्षक सुगना राम जाट की मानें तो कार्यक्रम में इस साल वे कई नई चीजें करने का प्लान बना रहे हैं. इस कार्यक्रम में आने वाले लोगो को वन क्षेत्र की महत्ता की जानकारी दी जाएगी. अलग-अलग पौधों के महत्त्व के बारे में बताया जाएगा. पर्यावरण संरक्षण के लिहाज़ से किन पौधों को प्राथमिकता के आधार पर उगा सकते हैं, यह जानकारी भी दी जाएगी...औषधीय पौधों के बारे में भी बताया जाएगा. इस महोत्सव से जरिये पेड बचाने और पेड लगाने का सन्देश दिया जाएगा.कार्यक्रम में पूरा जिले का प्रशासनिक अमला साथ रहेगा.

प्रतापगढ़ पुलिस ने डोडा चुरा तस्करी पर की बड़ी कार्रवाई. 18 बोरों में भरा 4क्विंटल से ज्यादा डोडा चुरा जब्त.


प्रतापगढ़ की छोटीसादडी थाना पुलिस ने डोडा चुरा तस्करी पर एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. पुलिस ने 18बोरों में भरा डोडा चुरा जब्त करने की कार्रवाई की है.

छोटीसादडी थाना पुलिस मुखबिर की सुचना पर बड़ी सादडी मार्ग नाकबंदी कर रही थी. इसी दौरान एक पिकअप नाकाबंदी तोड़ भाग निकली. पुलिस ने अपनी जीप से लगातार पिकअप का पीछा जारी रखा. पुलिस से बचते-बचाते पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई. आगे के दो व्हील भी बाहर आ गए.. इसके बाद पिकअप चालक और सवार यानि दो आरोपी भाग निकले. पुलिस पहुंची और बड़ी मात्रा में बोरियों में भरे पड़े डोडा चुरा को देख सन्न रह गई. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए डोडा चुरा जब्त किया. इधर पिकअप को ट्रेक्टर में डाल कर थाने लाया गया. वज़न करने पर 414 किलो का डोडा चुरा निकला. कीमत ब्लेक मार्केट में लाखों में बताई जा रही है. पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है., दोनों फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है..,

छोटीसादडी पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी...अब पुलिस पूरे गिरोह को तोड़ने की कोशिश में जुट गई है. डोडा चुरा कहाँ का है, और कहाँ ले जाया जा रहा इसकी तफ्तीश जारी है. गाडी नंबर की बुनियाद पर पुलिस आरोपियों तक पहुँच सकती है.

प्रतापगढ़ में दो स्कूलों के मर्ज होने पर ग्रामीणों ने किया विरोध. प्रशासन ने की समझाइश.



प्रतापगढ़ के पाल मुंगाणा में आज हंगामा और रोड जाम करने जा रहे ग्रामीणों को प्रशासन ने समझाइश कर शांत किया... दो स्कूलों के मर्ज होने का विरोध कर रहे ग्रामीण हाईवे जाम और हंगामे के लिए निकल ही रहे थे, कि प्रशासन ने समझाइश कर मामला शांत करा दिया.

दरअसल जिले के पाल मुंगाणा के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय और मुंगाणा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय को मर्ज किया जाने का प्रशासनिक प्लान था, जिसके बाद लगातार विरोध चल रहा था. कुछ दिनों पहले भी मर्ज के विरोध में स्कूली छात्र-छात्राओं ने स्कूल के बाहर नारेबाजी और प्रदर्शन किया था. आज ग्रामीण हंगामा करने जा रहे थे, धरियावद-मुंगाणा मार्ग जाम होना था, भनक लगते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे और समझाइश की गई. प्रशासन ने ग्रामीणों की सारी मांगे मानते हुए मर्ज होने से रोक दिया. अब ये दोनों स्कूल अलग-अलग ही रहेंगे , लेकिन पाल मुंगाणा के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पर कार्याधिकार मुंगाणा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल के पास होगा. ग्रामीणों ने मांग पूरी होने के बाद चैन की सांस ली है. समझाइश के दौरान ब्लोक शिक्षा अधिकारी भंवर लाल शर्मा, पारसोला थाना धिकारी ज्ञान चंद जाट, स्थानीय सरपंच, पूर्व सरपंच और इलाके के वरिष्ट जन मौजूद रहे.
विरोध के पीछे ग्रामीणों का तर्क था कि प्राइमरी कक्षाओ में पढ़ने के लिए पाल मुंगाणा के अभिभावक कई किलोमीटर दूर मुंगाणा में बच्चों को नहीं भेजना चाहते. और आखिर सरकार ने गाँव-गाँव प्राइमरी स्कूल खोले ही इसीलिए हैं ताकि बच्चों को कम से कम प्राइमरी लेवल पर पढ़ने के लिए बाहर ना जाना पड़े... तो ऐसे में स्कूलों को मर्ज किया जाना कहाँ तक सही है?...

कृषि उपज मंडी में व्यापारियों के अतिक्रमण ने नाक में किया दम. मंडी प्रबंधन ने किया अनिश्चित कालीन बंद का आह्वान.



प्रतापगढ़ कृषि उपज मंडी में व्यापारियों द्वारा अतिक्रमण के मामले में हम आज किसानों से रहा नहीं गया. किसानों के आहवान पर मंडी प्रशासन ने भी व्यापारियों को सबक सिखाने के लिए अन्शिचित काल के लिए मंडी ठप्प कर दी है... इसके बाद अब मंडी पूरी तरह सुनसान हो गई. अनाज की खरीद-फरोख्त का काम बंद कर दिया गया है.

मामला उदयपुर संभाग की सबसे बड़ी प्रतापगढ़ की "अ" श्रेणी की कृषि उपज मंडी का है. जहां पर किसानो के लिए बनाए गए चबूतरों पर व्यापारियों ने अवैध कब्जा कर रखा है. आरोप 13 व्यापारियों पर है जिन्होंने मंडी के चबूतरों पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर रखा है. किसानों के अनाज की सुरक्षा के लिए इन चबूतरों को बनाया गया था. लेकिन अब यहाँ व्यापारियों का अवैध कब्ज़ा है. किसान यहाँ अनाज लाते तो हैं, पर बारिश में अनाज भीगने की समस्या से दर दर भटकते हैं. किसानों का बेशकीमती अनाज कई बार तो पानी में बह कर चला जाता है. ऐसे में व्यापारियों की लापरवाही किसानों पर भारी पड़ रही है. प्रशासन ने सभी व्यापारियों को चबूतरे खाली करने के लिए नोटिस जारी किए थे. पर उसका भी कोई असर नहीं हुआ. किसानों ने मंडी प्रशासन से मुलाकात की और मंडी प्रशासन ने बात मानते हुए अनिश्चित काल के लिए मंडी ठप्प कर दी. मंडी तब तक बंद रहेगी जब तक कि व्यापारी चबूतरे खाली नहीं करते.
कृषि उपज मंडी में प्रशासन ने लाखों रूपए खर्च कर कई चबूतरे बनाए थे, ताकि बारिश में किसान अपना माल वहाँ सुरक्षित रख सके. पर व्यापारियों ने यहाँ कब्ज़ा कर लिया है जिस वजह से किसानो के पास माल रखने की जगह नहीं है. अभी मंडी ठप्प रहने से किसान, हमाल और व्यापारी सभी परेशान हो रहे हैं. पर करें भी तो क्या, व्यापारी मानते ही नहीं. इसी बीच कार्रवाई की उम्मीद भी की जा रही है.

Sunday, July 3, 2016

प्रतापगढ़ में 4 नाबालिग ट्रेक्टर ट्रोली के साथ कुए में गिरे. दबे नाबालिगो को रेस्क्यू ऑपरेशन चला कर निकाला बाहर. हालत गंभीर.



प्रतापगढ़ में दर्दनाक हादसा हो गया. यहाँ एक ट्रेक्टर ट्रोली सीधे कुए में जा गिरी, साथ में चार नाबालिग लड़के भी कुए में दब गए. नाबालिग ही ट्रेक्टर चला रहे थे. सभी को रेस्क्यू ऑपरेशन चला कर बाहर निकाला गया.

मामला जले के अरनोद थाना क्षेत्र के वनपूरा का है. जहाँ चार नाबालिग लड़कों समेत एक ट्रेक्टर ट्रोली सड़क किनारे कुए में जा गिरी. सभी लड़के ट्रेक्टर ट्रोली के साथ कुए में दब गए. मौके पर लोगो की भीड़ जमा हो गई. सुचना पर अरनोद थाना पुलिस थानाधिकारी सुनील टेलर के नेतृत्व में मौके पर पहुंची. इधर घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस भी बुलाई गई. करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला गया.इसके बाद सभी को सीधे जिला चिकित्सालय लाया गया. सभी चारों घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही हैं. इसमें सभी नाबालिग हैं. एसडीएम दीपेंद्र सिंह भी प्रतापगढ़ पहुंचे हैं. सभी घायलों की हालत काबू से बाहर है इसलिए उन्हें उदयपुर चिकित्सालय रेफर किया जा रहा है.

प्रतापगढ़ के नए DSP दलपत सिंह भाटी ने किया पदभार ग्रहण. मीडिया से हुए मुखातिब.



प्रतापगढ़ में नए पुलिस DSP दलपत सिंह भाटी ने पदभार ग्रहण किया. इसी के साथ वे सबसे पहले मिडिया से मुखाबित हुए... कहा कि पुलिस संवाद को बेहतर बनाया जाएगा. आम जन में विश्वास और अपराधियों में भय की बात को सार्थक साबित करना, और पुलिस मुख्यालय के निर्देशों की पालना करना उनकी पहली प्राथमिकता होगी. इस मौके पर DSP ने बताया कि पहले वे प्रतापगढ़ रह कर जा चुके हैं. कई सालों पहले वे प्रतापगढ़ थानाधिकारी के पद पर थे, तब उन्होंने हार्डकोर अपराधियों पर लगाम लगाने में कामयाबी हांसिल की थी. हाल ही में बतौर DSP प्रमोशन हुआ और फिर उन्हें प्रतापगढ़ भेजा गया. ऐसे में एक बार फिर वे प्रतापगढ़ के हित में काम करने के लिए तैयार हैं. दलपत सिंह भाटी को उनकी चुस्त कार्यशैली, तत्पर कार्रवाई और तेज़ी से काम करने के लिए जाना जाता है. पुलिस कर्मचारियों से अच्छा संवाद रख काम करवाने में भी वे माहिर हैं.

दलपत सिंह भाटी, पुलिस उप अधीक्षक (DSP), प्रतापगढ़ - पुलिस संवाद को बेहतर बनाया जाएगा, आम जन में विश्वास और अपराधियों में भय की बात को सार्थक साबित करना, और पुलिस मुख्यालय के निर्देशों की पालना करना पहली प्राथमिकता होगी...

प्रतापगढ़ में शातिर लूट गेंग से कार और बाइक बरामद. पहले करते थे लूट, फिर मौज-मस्ती में उड़ाते थे पैसे !


प्रतापगढ़ पुलिस ने शातिर लूट गेंग की गिरफ्तारी के बाद लूट के पैसों से खरीदी गई कार और बाइक जब्त कर ली है..इसके अलावा पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलें भी ज़ब्त कर ली है. पूरा मामला धोलापानी थाना इलाके का है. यहाँ सुनसान सड़क पर किसी निजी कंपनी के बाइक सवार दो कर्मचारियों से ये शातिर बदमाश फायरिंग कर 1लाख 65हजार रूपए लेकर फरार हो गए थे. इसके बाद पुलिस ने तफ्तीश जारी रखी. कॉल डिटेल और तकनिकी सुचना के आधार पर सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में सामने आया कि इन्होने लूट के पैसों से कार और बाइक खरीदी है, जिसे पुलिस ने निशानदेही से ज़ब्त करने की कार्रवाई की. सामने आया है कि ये नौजवान लूटेरे मौज-मस्ती के लिए लूट की वारदातें किया करते थे. अब तक ना-जाने कितनी ही वारदातें कर चुके थे. ये आरोपी राजस्थान और मध्यप्रदेश में वारदातें कर चुके हैं. पर अब पुलिस की गिरफ्त में है.